India

गोकुळ दूध संघ अध्यक्ष चुनाव: सतेज पाटिल की मुंबई प्रेस कॉन्फ्रेंस और सरकार पर तीखा हमला

  • 'वोट चोरी के बाद अब सत्ता चोरी' का आरोप: सतेज पाटिल ने गोकुळ दूध संघ में चार शासन-नियुक्त (तज्ञ और स्वीकृत) संचालक बढ़ाने के राज्य मंत्रिमंडल के निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे जनता के जनादेश का अपमान बताते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद संख्याबळ पलटने के लिए इस तरह के फैसले लेना 'सत्ता चोरी' जैसा है।

  • जनता के कौल की अवहेलना: पाटिल ने कहा कि गोकुळ के चुनाव में राजर्षी शाहू शेतकरी समविचारी आघाडी को 25 में से 13 सीटें मिली हैं, जबकि महायुति को 12 सीटें मिली हैं। इसके बावजूद पिछले दरवाजे से त ̈ज्ञ या स्वीकृत संचालकों के जरिए समीकरण बदलने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह से अनुचित है।

  • सहकारिता पर संकट: उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के नियम सहकारी संस्थाओं में थोपे जाएंगे, तो यह सिर्फ गोकुळ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में राज्य की अन्य सहकारी संस्था Read more...

मुंगेर एएसआई हत्याकांड: अदालत ने एक ही परिवार के आठ दोषियों को सुनाई उम्रकैद, स्पीडी ट्रायल से मिला त्वरित न्याय

बिहार के मुंगेर जिले की एक अदालत ने ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारी की नृशंस हत्या के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-IV) कुमारी मनीषा की अदालत ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (ASI) संतोष कुमार सिंह की पीट-पीटकर हत्या करने के जुर्म में तीन महिलाओं सहित एक ही परिवार के आठ सदस्यों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 25,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसकी अदायगी न करने पर अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

यह दुखद घटना 14 मार्च 2025 को होली के त्योहार के दिन नंदलालपुर गांव में घटी थी। डायल-112 पर तैनात एएसआई संतोष कुमार सिंह दो पक्षों के बीच हो रहे हिंसक विवाद को शांत कराने और शांति व्यवस्था बहाल करने पहुंचे थे। उसी दौरान उपद्रवियों के समूह ने उन पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अधिकारी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कैमूर जिले के निवासी शहीद अधिकारी के Read more...

केंद्र सरकार का कड़ा जवाब: एलन मस्क के आरोपों को बताया बेबुनियाद, भारत में तीन कंपनियों को मिला है लाइसेंस

भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस 'स्टारलिंक' (Starlink) के लॉन्चिंग में देरी को लेकर स्पेसएक्स (SpaceX) के सीईओ एलन मस्क द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। संचार मंत्रालय ने मस्क के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है कि भारत में स्टारलिंक को कुछ बड़े कारोबारी समूहों की ओर से रोका जा रहा है। सरकार ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और गलत धारणा पर आधारित बताया है।

सरकार के जवाब के मुख्य बिंदु:

  • निष्पक्ष और भेदभावरहित व्यवस्था: मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन समेत सभी दूरसंचार सेवाओं के लिए एक पारदर्शी, निष्पक्ष और भेदभावरहित ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क लागू किया गया है।

  • तीन कंपनियों को मिला लाइसेंस: केंद्र सरकार के मुताबिक, इस निर्धारित व्यवस्था के तहत अब तक तीन प् Read more...

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